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‘साजिश के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा रहा लेखा-जोखा’ – दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति पर विवादों के बादल – संस्था के सदस्यों ने अध्यक्ष व सचिव पर लगाए गंभीर आरोप – कार्यकाल समाप्त हुए एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं बुलाई आमसभा की बैठक

श्रीगंगानगर। धर्म और आस्था का प्रतीक माने जाने वाले सबसे पुराने दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति इन दिनों विवादों में आ गई है। संस्था के ही कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष व सचिव सहित पूरी कार्यकारिणी पर गंभीर आरोप लगाए हंै। इन सदस्यों ने जहां कार्यकारिणी की समय अवधि गुजर जाने के एक साल बाद भी आम सभा नहीं बुलाने जैसे आरोप लगाए हैं, वहीं मंदिर का लेखा जोखा व सोना-चांदी सार्वजनिक नहीं करने के पीछे एक सुनिश्चित ढंग से रची हुई साजिश होने का आरोप लगाया है।
दुर्गा मंदिर संकीर्तन संस्था के सदस्य हरीश कपूर ने बताया कि संस्था के कुछ सदस्यों की बैठक लक्कड़मंडी रोड स्थित उनके संस्थान पर सम्पन्न हुई। बैठक में संस्था से जुड़ेे देवकिशन मल्होत्रा, गोपाल कक्कड़, मिंकू, परुथी सहित कई सम्मानित सदस्यों ने भाग लिया। कपूर के अनुसार सदस्यों ने बताया कि जुगल डूमरा को तीन साल के लिए संस्था का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद डूमरा ने संस्था के सभी सदस्यों से उनका छह माह का कार्यकाल बढ़ाने की अपील की। सभी ने सर्वसम्मति से यह कार्यकाल भी बढ़ा दिया, लेकिन अब छह माह का कार्यकाल गुजरे भी एक साल बीत गया है, लेकिन अभी तक वर्तमान अध्यक्ष जुगल डूमरा व सचिव पाठक आमसभा की बैठक नहीं बुलाई।
‘मनमर्जी से काम कर रहे हैं डूमरा’
हरीश कपूर ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष व सचिव ने आमसभा की बैठक बुलाए बिना ही पिछले दिनों मंदिर के पीछे बना बारात घर व उसका मुख्य दरवाजा तोड़ दिया, जबकि नियमानुसार यह सब करने से पहले आमसभा में संस्था के पदाधिकारियों व सदस्यों की सहमति जरूरी था, लेकिन अध्यक्ष व सचिव ने अपनी मनमर्जी करते हुए सदस्यों की सहमति जरूरी नहीं समझा। कपूर ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अपने कार्यकाल के दौरान मंदिर में आए चढ़ावे व लेखा जोखा का ब्यौरा भी नहीं दे रहा और न ही सोने-चांदी के आभूषणों के बारे में संस्था के सदस्यों को कुछ बता रहा है। ऐसे में इस धार्मिक एवं सबसे पुरानी संस्था से लोगों का विश्वास उठने लगा है और सैंकड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
‘…तो दर्ज करवाएंगे मुकदमा’
हरीश कपूर ने बताया कि इस बैठक में गंभीर निर्णय लिया गया कि 15 दिन के भीतर अगर संस्था के प्रधान जुगल डूमरा व सचिव पाठक ने मंदिर की आय-व्यय का ब्यौरा व सोने-चांदी के आभूषणों के बारे में विस्तृत जानकारी आमसभा बुलाकर नहीं दी तो उक्त पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
‘कुंडली मारे बैठे हैं अध्यक्ष-सचिव’
हरीश कपूर ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष व सचिव का कार्यकाल गुजर जाने के एक साल बाद भी डूमरा व पाठक इस पद पर कुंडली मारे बैठे हैं, जबकि नियमानुसार अध्यक्ष व सचिव को आमसभा बुलाकर उनके कार्यकाल में हुए मंदिर के लेखा-जोखा का ब्यौरा देना चाहिए। संस्था के अध्यक्ष व सचिव की इसी मनमानी के चलते संस्था के ज्यादातर सदस्यों में आक्रोश है। यह आक्रोश आने वाले दिनों में आंदोलन का भी रूप ले सकता है।
वर्जन
आरोप बिल्कुल निराधार
मंदिर जैसी धार्मिक एवं पवित्र जगह पर मैं कतई राजनीति नहीं करता। मुझ पर लगाए गए आरोप बिल्कुल निराधार हैं। देवस्थान विभाग या मंदिर का कोई भी पदाधिकारी या सदस्य कभ भी उनके कार्यकाल में हुए आय-व्यय का ब्यौरा कभी भी ले सकता है। पिछले दिनों हुए एक व्यापारी संगठन के चुनावों से इस संस्था को जोडक़र चल रहे हैं। ऐसे लोगों के बारे में वे मैं कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहता।
-जुगल डूमरा, अध्यक्ष, दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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