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करोड़ों के सीवरेज को फेल करने की साजिश! – जवाहर नगर क्षेत्र में सीवरेज पाइप का मेनहोल खोलकर डाला कचरा – करोड़ों की लागत से डाली गई पाइपलाइन कभी भी हो सकती है चोक

श्रीगंगानगर। शहर में करीब पांच सौ करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सीवरेज प्रोजेक्ट को शुरू होने से पहले ही फेल करने की साजिशें रची जा रही हैं। इस साजिश के पीछे बड़ा गेम चल रहा है। जवाहरनगर क्षेत्र जैसे पॉश एरिये में सीवरेज पाइप के मेन होल से पाइप में कचरा डाला जा रहा है। कुछ जन प्रतिनिधि इस मामले को दबाने का भी प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल इसकी शिकायत आरयूआईडीपी व नगरपरिषद तथा न्यास के अधिकारियों तक पहुंच गई है। ऐसे पहले भी हुआ है जब नालों की डिसिल्टिंग के दौरान नालों से जमी हुई सीमेंट के कट्टों सहित ऐसा और सामान निकाला गया है जो जान-बूझकर नालों में डाला गया था। सोची-समझी साजिश के तहत नालों को चोक करने का यह मामला भी बेहद सुर्खियों में रहा था।
जानकारी के अनुसार सीवरेज निर्माण के प्रथम चरण में रुडिफको की देखरेख में एक ठेकेदार ने जवाहरनगर क्षेत्र में पाइप लाइन डाली थी, तब ठेकेदार पर सीवरेज का घटिया निर्माण करवाने जैसे गंभीर आरोप लगे। उस समय प्रदेश में गहलोत नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। सम्बन्धित ठेकेदार फर्म ने आधे अधूरे करवाए गए प्रथम चरण निर्माण का भुगतान भी ले लिया। बारिश के दौरान उस समय इस सीवरेज निर्माण के दौरान डाली जा रही घटिया पाइप लाइन से लोगों को बहुत परेशानियां हुई थी। कई बार आंदोलन हुए, लेकिन सरकार बदलने से पहले ही फर्म का ठेकेदार करवाए गए काम का भुगतान लेकर फुर्र हो गया, हालांकि मामला अभी भी लम्बित है। खैर, इसके बाद वसुन्धरा नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार ने गंगानगर को शेष सीवरेज निर्माण का तोहफा देते हुए पेयजल पाइप लाइन व सीवरेज पाइप लाइन एक साथ डालने का काम एक फर्म को ठेके पर दिया। एलएंडटी फर्म फिलहाल शहर में अलग-अलग जगह पर सीवरेज व पेयजल पाइप लाइन डाल रही है। इस काम की कार्यकारी एजेंसी आरयूआईडीपी है।
इंदिरा वाटिका से गगनपथ की ओर जाने वाली तहसील रोड पर सीवरेज के प्रथम चरण के तहत पाइप लाइन डाली गई है। हालांकि अभी तक इस सीवरेज पाइप लाइन को लोगों के घरों तक कनेक्शन देकर जोड़ा नहीं गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विगत दिवस नगरपरिषद के कुछ कर्मचारियों ने इस पाइप लाइन का मेन होल खोलकर उसमें बड़ी मात्रा में कचरा डाल दिया। कुछ जागरुक नागरिकों ने जब इसकी शिकायत सम्बन्धित पार्षद व दो-चार अन्य पार्षदों से की तो इस मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। इन जागरुक नागरिकों व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दूसरे दिन ही उस मेन होल को ढककर वहां खोदी गई जगह को मिट्टी से भर कर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। अब थोड़ी सी बारिश आ जाने के बाद वह पूरा कचरा व ऊपर डाली गई मिट्टी इस पाइप लाइन में चली जाएगी। यह मिट्टी और कचरा पूरी पाइप लाइन में जाकर उसे बंद कर देंगे, जिस वक्त इस पाइप का कनेक्शन लोगों के घरों से जोड़ा जाएगा, उससे पहले ही यह पाइप ब्लॉक हो जाएगी। इस तरह इस सीवरेज कनेक्शन को फेल करने की एक बहुत बड़ी साजिश रची जा रही है।
विश्वसनीय सूत्रों व नगर परिषद के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे सफाई ठेेकेदार का भी हाथ हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसकी पुख्ता जानकारी नहीं दी है। वैसे ठेकेदार को भी ऐसा करने से लाभ मिल सकता है, आम आदमी को नहीं, क्योंकि ठेकेदार ने करोड़ों रुपए का सफाई ठेका कई वार्डों में सफाई करने का लिया है। ऐसे में अगर सीवरेज सिस्टम शुरू हो जाएगा, तो ठेकेदार को नुकसान हो सकता है।

नगर विकास न्यास की है जिम्मेदारी
जवाहरनगर क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से में सीवरेज के प्रथम चरण के तहत रुडिफको की देखरेख में ठेकेदार ने काम किया है। प्रथम चरण का सारा काम रुडिफको की ओर से यूआईटी को हैंडओवर कर दिया गया है, जिस जगह पाइप लाइन में कचरा डालने की शिकायत मिली है। वह सीवरेज के प्रथम चरण के तहत डाली गई पाइप लाइन ही है, जिसकी जिम्मेदारी नगर विकास न्यास की है। इस बारे में न्यास के अधिकारी ही कार्रवाई करने में सक्षम है।
दिलीप गौड़, एक्सईएन, आरयूआईडीपी

होनी चाहिए कार्रवाई
जिस क्षेत्र में सीवरेज की पाइप लाइन में कचरा डालने का मामला है। वह एरिया वार्ड नं. 36 का है, जिसकी पार्षद वीरपाल कौर हैं। वैसे सीवरेज में कचरा डालकर पाइप लाइन अवरुद्ध करना एक गंभीर मामला है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अशोक मुंजराल, भाजपा नेता व वार्ड पार्षद वार्ड नं. 37

मामला गंभीर है
मुझे शिकायत मिली है। सम्बन्धित इंस्पेक्टर व सफाई कर्मचारियों से इस बारे में पूछताछ की जाएगी। अगर वास्तव में ऐसी बात है तो यह मामला गंभीर है। सीवरेज जैसे बड़े प्रोजेक्टर को अवरुद्ध करना गंभीर मामला है। इसकी जांच की जाएगी।
देवेन्द्र राठौड़, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर परिषद

कलक्टर को करुंगा शिकायत
विगत दिवस नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों ने सीवरेज पाइप लाइन का मेन होल खोलकर उसमें भारी मात्रा में कचरा डाल दिया, जो मैंने खुद ने देखा। इसका मंै प्रत्यक्ष गवाह हूं। इसकी शिकायत मैंने वार्ड पार्षद वीरपाल कौर व उनके ससुर पूर्व पार्षद मास्टर बलदेवसिंह तथा वार्ड नं. 37 के पार्षद अशोक मुंजराल से भी की, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बाद इतना जरूर हुआ है कि खोदे गए मेन होल पर मिट्टी भरकर उसे बंद कर दिया गया और मामला रफा दफा करने की कोशिश की गई है। जल्द ही इसकी शिकायत जिला कलक्टर, नगर परिषद आयुक्त व आरयूआईडीपी के उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
डॉ. अश्विनी शर्मा, निवासी जवाहरनगर

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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