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सावधान : आपको भेद सकते हैं पुलिस के उड़ते तीर -तीरंदाजी की प्रैक्टिस के दौरान पुलिस लाइन से बाहर गिर रहे तीर -बाल-बाल बचा फैक्ट्री का कर्मचारी, हाइवे पर तीर गिरने से हादसे की आशंका –फोटो कैप्शन: पुलिस लाइन से बाहर गिरा तीर कैप्शन: तीर पर लगा हुआ नंबर और बनाने वाली कंपनी का नाम

श्रीगंगानगर। पुलिस लाइन में चल रही तीरंदाजी की प्रैक्टिस इन दिनों लाइन के आसपास रहने वाले और यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए भारी परेशानी बनी हुई है। प्रैक्टिस के दौरान ये खतरनाक तीर लाइन की चारदीवारी से बाहर आकर आसपास की फैक्ट्रियों व नेशनल हाईवे पर गिर रहे हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
नेशनल हाईवे के किनारे स्थित पुलिस लाइन में इन दिनों तीरंदाजी की प्रैक्टिस चल रही है। संभवत: अगले सप्ताह पुलिस के बड़े अधिकारी जिला पुलिस के वार्षिक निरीक्षण पर आ रहे हैं। पुलिस के जवान भी उनके सामने तीरंदाजी के शौर्य दिखाना चाहते हैं। इसीलिए पुलिस लाइन में इन दिनों तीरंदाजी की प्रैक्टिस चल रही है। हैरानी की बात तो यह है कि तीरंदाजी के ये तीर पुलिस लाइन परिसर से बाहर आसपास की फैक्ट्रियों व हाईवे पर गिर रहे हैं। ये तीर काफी महंगे बताए जा रहे हैं। इनका अगला हिस्से पर धातु का खोल चढ़ा है जो काफी नुकीला है। अगर तीर की गति तेज हो तो ये किसी भी शख्स को अपना शिकार बना सकते हैं। तीर के आगे के छोर पर नुकीली शेप में एल्युमीनियम व लोहा लगा हुआ है, जो शरीर को भेदता हुआ निकल सकता है। इस तीर की कीमत करीब चार हजार से ज्यादा बताई जा रही है।
पैरों के पास गिरा तो सहम गया कर्मचारी
जानकारी के अनुसार पिछले शनिवार से लगातार पुलिस लाइन में तीरंदाजी की प्रैक्टिस चल रही है। मंगलवार को भी सुबह यह प्रैक्टिस जारी थी। इसी दौरान पास स्थित एक फैक्ट्री के कर्मचारी के बिल्कुल नजदीक आकर यह तीर गिरा। जैसे ही तीर उसके पास गिरा तो वह कर्मचारी एकबारगी तो डर गया। उसने सोचा शायद फैक्ट्री के पास से गुजर रही बिजली की तारें आ गिरीं, लेकिन जैसे ही उसने अपने पैर के पास पड़ा तीर देखा तो वह हैरान रह गया। बाद में पता चला कि यह तीर तीरंदाजी की प्रैक्टिस के दौरान गलत दिशा में आकर यहां गिर गया। गनीमत यह रही कि इस कर्मचारी के यह तीर लगा नहीं, अन्यथा तीर से कर्मचारी घायल भी हो सकता था। अगर यहीं तीर हाईवे पर चलते किसी वाहन चालक के लग जाता तो बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती थी।
काफी महंंगे है ये तीर
इस मामले की जानकारी सम्बन्धित कर्मचारी ने पुलिस लाइन प्रभारी व जिला पुलिस अधीक्षक को भी दी। इन अधिकारियों ने भी माना कि प्रैक्टिस के दौरान यह बड़ी लापरवाही रही है। सूत्र बताते हैं कि प्रैक्टिस के दौरान एक नहीं, बल्कि दो से ज्यादा तीर गायब हैं। दो तीरों की पुष्टि तो प्रैक्टिस करने वाले पुलिस जवान ही कर रहे हैं। वैसे तीरंदाजी की सामग्री काफी महंगी है। धनुषबाण भी काफी महंगा होता है। इसके एक तीर की कीमत करीब चार हजार से 4500 के बीच होती है। सूत्रों की मानें तो इस तीरंदाजी के लिए पुलिस महकमे की ओर से कोई अलग फंड जारी नहीं होता। खिलाड़ी व दानदाताओं के सहयोग से ही तीरंदाजी की यह सामग्री खरीदी जाती है।

घोर लापरवाही है : एसपी
पुलिस लाइन में चल रही प्रैक्टिस के दौरान तीर का पुलिस लाइन परिसर से बाहर आना एक घोर लापरवाही दर्शाता है। यह बात सही है कि यह तीर काफी गति में होते हैं और इसके लगने से व्यक्ति घायल भी हो सकता है। हाईवे पर इस तरह तीरों का हवा में आकर गिरना वास्तव में दुर्घटना को न्यौता देता है। इस बारे में पुलिस लाइन प्रभारी से बात कर जांच करवाई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
हरेन्द्र महावर, जिला पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर

जानबूझकर नहीं फेंके तीर : आरआई
पुलिस लाइन में पिछले कई दिनों से जवान तीरंदाजी की प्रैक्टिस कर रहे हैं। हो सकता है कि टारगेट तोड़ते हुए गलत दिशा में कोई एक आधा तीर पुलिस लाइन परिसर से बाहर आ गया हो। यह तीर जवानों ने जानबूझकर नहीं फेंके। यह भी हो सकता है कि तीर कंडम हो गया हो और उसे फेंक दिया गया हो, फिर भी इस मामले में प्रैक्टिस करने वाले जवानों से पूछताछ कर पता लगाया जाएगा।
उम्मेदसिंह राठौड़, पुलिस लाइन प्रभारी, श्रीगंगानगर

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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