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अग्नि की भेंट चढ़े ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप – शॉर्ट सर्किट से हुई घटना, सिख संगत में शोक की लहर

श्रीगंगानगर। जिले के घमूड़वाली थाना क्षेत्र में चक 67 एलएनपी (भूरेकी) में स्थित गुुरुद्वारा साहिब में मंगलवार-बुधवार की रात को हृदयविदारक घटना हो गई। इस गुरुद्वारा साहिब के सचखंड हॉल की एक दीवार में लगे पंखे की वायरिंग में रात्रि को किसी समय शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई। सचखंड हॉल में गुरुगं्रथ साहिब के दो पावन स्वरूप रखे हुए थे, जो अग्नि की भेंट में चढ़ गये। घटना का बुधवार सुबह लगभग 5 बजे पता चला, जब रोजाना की तरह ग्रंथी हरनाम सिंह गुरुद्वारा साहिब में प्रकाश करने के लिए आया। ग्रंथी ने जैसे ही मुख्य द्वार को खोला, सचखंड हॉल से धुआं निकल रहा था। यह देखते ही ग्रंथी घबरा गया। उसने भागकर गांव वालों को बताया। कुछ ही देर में लोग दौड़े चले आये। सचखंड हॉल के अंदर आग लगी हुई थी और चारों तरफ धुआं ही धुआं भरा हुआ था। गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से इसकी जानकारी तुरंत ही मुकलावा थाना इलाके में स्थित ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाले गुरुद्वारा बुड्डा जोहड़ के प्रबंधकों को दी गई। बुड्डाजोहड़ गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह समरा और अन्य कईं ओहदेदार भी चक 67 एलएनपी के गुरुद्वारा साहिब में आ गये। तब तक लोगों ने आग पर काबू पा लिया। सचखंड हॉल में बीड़ साहिब सहित गुरुग्रंथ साहिब का एक पावन स्वरूप लगभग पूरी तरह से अग्नि की भेंट चढ़ चुका था। इसी हॉल में दूसरी तरफ रखे हुए पावन स्वरूप भी लगभग पूरा ही अग्नि भेंट चढ़ गया।
संगत ने किया जाप
दिन उगने के साथ जैसे-जैसे इस दु:खद घटना का पता चला, इलाके की काफी सिख संगत चक 67 एलएनपी पहुंची। सिख संगत में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुद्वारा साहिब में एक तरफ सतनाम वाहेगुरु का संगत ने जाप आरम्भ कर दिया, दूसरी तरफ सिख जत्थेबंदियों के ओहदेदार एवं सेवादार सचखंड हॉल की सेवा में जुट गये। गुरुग्रंथ साहिब के बचे हुए अंगों-अवशेषों को बड़ी सावधानी से अलग किया गया। कच्ची लस्सी से सुलग रही आग को बुझाया गया। बचे हुए अंगों-अवशेषों को मर्यादापूर्वक कपड़ों में लपेटकर रखा गया।
घटनाक्रम की जानकारी ली
मौके पर पदमपुर से बाबा बुड्डा गं्रथी सभा के रिछपाल सिंह, अमरीक सिंह, बूटासिंह, बाबा बुड्डा ग्रंथी सभा रायसिंहनगर के उपाध्यक्ष ज्ञानी इकबाल सिंह चक 50 आरबी, गुरुद्वारा सिंह सभा पदमपुर से धन्नासिंह, हजूरी रागी गुरुद्वारा बुड्डाजोहड़ ज्ञानी जंगशेर सिंह, ज्ञानी मंगलसिंह ढाबांझालार, भगवानगढ़ स्थित गुरुद्वारा यादगार शहीदां के हैड ग्रंथी भाई भूपेन्द्र सिंह और रामसिंह आदि ने आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सिख संगत ने इसे बहुत ही दु:खदायी घटना बताया।
लाए जाएंगे नए पावन स्वरूप
बुड्डाजोहड़ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह ने बताया कि अग्निभेंट चढ़ गये पावन स्वरूपों को गुरुवार सुबह चार बजे चक 67 एलएनपी के इसी गुरुद्वारा से बड़ी श्रद्धा के साथ पंजाब के गोइंदवाल के लिए रवाना किया जायेगा, जहां इनका सिख मर्यादा अनुसार अन्तिम संस्कार होगा। इसके बाद अमृतसर स्थित हरमन्दिर साहिब गुरुद्वारा से नये पावर स्वरूप चक 67 एलएनपी गुरुद्वारा के लिए लाये जायेंगे।

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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