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नियम कायदों पर हावी रीको जीएसएस एक्सईएन के हिटलरशाही फरमान – बिजली घर की चारदीवारी निर्माण में बरती जा रही है दोगली नीति – चारदीवारी निर्माण के दौरान अधूरा छोड़ा कुछ फीट का टुकड़ा – फैक्ट्री मालिक परेशान, एसई तक पहुंची शिकायत, जांच शुरू कैप्शन: 113-जीएसएस की साइड में करवाई गई दीवार की मरम्मत और दूसरी तरफ निर्माणाधीन फैक्ट्री तथा पड़ोसी फैक्ट्री की तरफ जीएएसएस की ऊंची करवाई गई दीवार और उस पर डाली गई छत (घेरे में) 844- दीवार पर लगी एंगलें जिन्हें निर्माणाधीन फैक्ट्री तरफ मोड़ दिया गया है।

श्रीगंगानगर। उद्योग विहार रीको स्थित राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के एक्सईएन नरेश लालगढिय़ा के हिटलरशाही फरमान सरकारी नियम कायदों पर हावी हैं। यही कारण है कि बिजली घर की चारदीवारी के निर्माण में दोगली नीति बरती जा रही है। एक्सईएन के इशारे पर चारदीवारी निर्माण के बीच का टुकड़ा अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसकी शिकायत प्रसारण निगम के एसई तक भी पहुंच गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार निगम की ओर से जीएसएस की ओर से कुछ समय पहले चारदीवारी का निर्माण करवाया जा रहा था। यह चारदीवारी करीब 200 फीट लम्बी है। इस चारदीवारी के दूसरी तरफ कई औद्योगिक फैक्ट्रियां बनी हैं, जिनमें से एक फैक्ट्री निर्माणाधीन है। यह फैक्ट्री बी.के. शर्मा की है, जिन्होंने प्रसारण निगम के एसई को इस मामले की शिकायत की है।
शिकायत में बी.के. शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने फैक्ट्री का निर्माण शुरू किया था, तब यह चारदीवारी करीब ढाई-तीन फीट ऊंची थी, उस समय चारदीवारी पर लोहे की एंगलें लगी हुई हैं, जिनका ऊपरी किनारा फैक्ट्री की तरफ मोड़ा गया है। ये एंगलें फैक्ट्री निर्माण में अड़चन पैदा कर रही थी। इस कारण उन्होंने एक्सईएन नरेश लालगढिय़ा से मिलकर इन एंगलों को हटाने की बात कही, तब एक्सईएन ने अपने तरीके से इन्हें हटवा देने की बात कही। इसी बीच फैक्ट्री का निर्माण चलता रहा, अब जब फैक्ट्री का निर्माण अंतिम चरणों में है, तो रंग रोगन के लिए एंगलों से परेशानी होने लगी। शिकायतकर्ता बी.के. शर्मा ने बताया कि एक बार फिर से वे एक्सईएन लालगढिय़ा से मिले और एंगलें हटाने तथा चारदीवारी को ऊंचा करने की मांग की, तब लालगढिय़ा ने कहा कि उन्होंने फैक्ट्री निर्माण के दौरान जीएसएस की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसलिए पहले बिजलीघर की साइड वाली दीवार की मरम्मत करवाओ। इसके बाद ही एंगल सीधे किये जाएंगे। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने दीवार की मरम्मत भी करवा दी, जबकि यह पूरी दीवार पहले से ही क्षतिग्रस्त थी और वैसे भी जीएसएस की तरफ दीवार की मरम्मत करवाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता था, लेकिन फिर भी एक्सईएन लालगढिय़ा ने उन पर दबाव डालकर इस दीवार की मरम्मत करवाई। मरम्मत करवाने के बाद भी अब एक्सईएन लालगढिय़ा न तो दीवार पर लगे एंगलें हटवा रहे हैं और न ही चारदीवारी ऊंची करवा रहे हैं, जबकि बाकी की लगभग पूरी चारदीवारी एक्सईएन लालगढिय़ा की ओर से विभाग के खर्चे पर ऊंची करवा दी गई है।
‘रंजिशवश परेशान कर रहे हैं एक्सईएन’
खास बात तो यह है कि बाकी सारी चारदीवारी की एंगलें जीएसएस की तरफ मोड़ी गई हंै, जबकि इस निर्माणाधीन फैक्ट्री वाले टुकड़े पर लगी एंगलें ही फैक्ट्री की तरफ मोड़ दी गई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार एक्सईएन लालगढिय़ा ने ऐसा रंजिशवश किया है। ऐसा करके उन्होंने उनकी करीब दो फीट जगह पर अतिक्रमण कर लिया। फैक्ट्री में साफ-सफाई व रंग-रोगन के दौरान लोहे की एंगल की वजह से रोजाना परेशानी होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बारे में जब भी वे एक्सईएन लालगढिय़ा से मिलने जाते हैं तो उनसे अभद्र व्यवहार कर ऑफिस से बाहर निकलने को कहा जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि इस चारदीवारी पर पड़ोस की एक फैक्ट्री मालिक ने छत का निर्माण भी कर डाला, लेकिन उस फैक्ट्री मालिक को आज तक एक्सईएन लालगढिय़ा ने नहीं रोका। इससे साफ पता चलता है कि एक्सईएन लालगढिय़ा शिकायतकर्ता से द्वेष भावना रखते हैं तभी तो उनसे इस तरह का सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। बी.के. शर्मा ने इस पूरे मामले की शिकायत विद्युत प्रसारण निगम के एसई से की है। एसई ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
सिविल विंग को दिए जांच के आदेश
इस बारे में जब राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के एसई गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत वास्तव में गंभीर है। इसकी जांच के लिए सिविल विंग के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। जांच अधिकारी को जल्द ही जांच कर रिपोर्ट पेश के लिए कहा गया है। ंगुप्ता ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस शिकायत का निस्तारण कर दिया जाएगा। जांच में अगर एक्सईएन लालगढिय़ा दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा।
सम्पर्क पोर्टल पर भी पहुंची शिकायत
इस मामले की शिकायत राजस्थान सम्पर्क पोर्टल व सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी की गई है। शिकायतकर्ता ने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का मांग है कि इस मामले की जांच राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के एसई की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर की जानी चाहिए।

जांच के दिए हैं आदेश
शिकायत वास्तव में गंभीर है। मैनें जांच के लिए सिविल विंग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं। जल्द ही शिकायत का निस्तारण कर दिया जाएगा। अधिकारी दोषी पाया गया तो एक्शन लिया जाएगा।
-डीके गुप्ता, एसई, राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, हनुमानगढ़

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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