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गेहूं की ऑनलाइन खरीद से सरकार पीछे हटी -सरकार ने सरसों, चना और जौ पर साधी चुप्पी

श्रीगंगानगर। चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार अपने एक और निर्णय से पीछे हट गई है। पिछले काफी समय से सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा था कि इस बार गेहूं की सरकारी खरीद किसानों से ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत की जायेगी। सरकारी विभाग इस प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को इसकी जानकारियां देने में लगे हुए थे। दूसरी तरफ किसान संगठनों ने ऑनलाइन खरीद को अव्यवहारिक बताते हुए इसे लागू न करने की मांग पकड़ रखी थी। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में ऑनलाइन प्रक्रिया का कड़ा विरोध हो रहा था। किसानों के समर्थन में राजनैतिक दल भी आ गये। यहां तक कि सत्तारूढ़ भाजपा को भी महसूस हेा गया कि यह निर्णय किसान विरोधी है और इससे उसे राजनीतिक नुकसान भी होगा। लिहाजा बुधवार सुबह प्रदेश के मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस की। श्रीगंगानगर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में जिला कलक्टर ज्ञानाराम तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिये हैं कि गेहूं की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से सरकारी खरीद नहीं होगी। पहले की तरह ऑफलाइन प्रक्रिया से ही खरीद की जाये। समझा जाता है कि चुनावी वर्ष में किसानों के विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गेहूं खरीद से हाथ पीछे खींच लिये हैं। दूसरी ओर आज की इस वीडियो कॉन्फ्रेंस मेंं चना, सरसों और जौ की सरकारी खरीद के बारे में कुछ नहीं बोला गया है।
गंगानगर किसान समिति के संयोजक रणजीतसिंह राजू ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को छोड़ दिया है, लेकिन चना, सरसों व जौ के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। सरसों और चने की सरकारी खरीद भी सरकार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन द्वारा ही किसानों से करना चाहती है। इसका भी किसान विरोध कर रहे हैं। जौ के बारे मेें तो कुछ भी नहीं बताया जा रहा कि सरकारी खरीद होगी भी या नहीं। राजू ने रोष जताते हुए कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद पर बोनस की भी घोषणा नहीं की है। प्रदेश सरकार दो वर्षांे से किसानों को गेहूं खरीद पर बोनस नहीं दे रही। जब मध्यप्रदेश सरकार 260 रुपये प्रति क्विंटल गेहूूं पर बोनस किसानों को दे सकती है, तो राजस्थान सरकार को इसमें क्या आपत्ति है? उन्होंने बोनस की जल्द से जल्द घोषणा करने की मांग की है।
गोदाम किराए पर लेने के निर्देश
बता दें कि अब गेहूं की सरकारी खरीद ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत किसानों से गिरदावरी रिपोर्ट और उनकी बैंक पासबुक के आधार पर की जायेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिला कलक्टर ने विशेषकर राजफैड के अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक अप्रेल को सरकारी खरीद शुरू होने से पहले वे गेहूं के भंडारण के लिए वे पर्याप्त संख्या में गोदामों को किराये पर ले लेें। दूसरी खरीद एजेंसियों को उन्होंने एक अपे्रल से पहले सभी व्यवस्थाएं कर लेने के निर्देश दिये, ताकि बाद में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आये।

Amit Khan
I am a enthusiastic journalist and work for day and night to aware people about new events and local problems about your city and state.

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